Gam Wali Shayari in hindi
Gam Wali Shayari

Gum Wali Shayari

मैं खुद से खफा हूँ
या रूठा हूँ खुदा से,
ज़माना मेरा न हुआ,
या,
मैं दुश्मन हूँ जहाँ से।

Shayari gam wali

उधार दे देना,
2 पल,
तेरी ज़िंदगी का।

Shayari gam wali
Shayari gam wali

Gam bhari Shayari

किसी के 1 बार हा,
बोलने से खुश ना होइये,
बर्बादी का ये पहली कदम है,
ये जान लीजिये।

Gam bhari Shayari
Gam bhari Shayari

Gam wali Shayari photo

ना गीले है और,
ना ही शिकवा,
ना का कोई हिसाब होता है,
यहाँ कोई रूठा नहीं करता,
बस बेइज़त्तियो का बाजार होता है।

Gam wali Shayari photo
Gam wali Shayari photo

Gham ki Shayari

ज़मीन आधी रह गयी दुआए,
साथ ले गया,
वो तनहा नहीं मरा,
मेरी काएनात ले गया।

Gam bhare sher

देख ना,
मैं लाखो बार सोचती हूँ की,
अब तेरे बारे में न सोचोगी,
पर कभी इसे हकीकत में बदल नहीं,
पाती हु।

Gam bhare sher
Gam bhare sher

Gam bhari Picture

कई बार जवाब खुद से ही ढूंढने पड़ते हैं,
जवाब जो मिल जाए तो,
सवाल भुलने पड़ते हैं।

Gam bhari Picture
Gam bhari Picture